नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के इलाकों में हुई हिंसा में घायलों को खून की कमी न पड़े यह सोच मंगलवार देर रात जीटीबी अस्पताल में अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के जवान ब्लड देने के लिए पहुंच गए। ब्लड देने के लिए 50 जवान अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल ने 34 का ही ब्लड लिया। 16 को अस्पताल प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बुलाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। अस्पताल में सोमवार से ही घायलों का पहुंचना जारी थी।
तत्परता: शेष बचे 16 जवानों से कहा- बल्ड की जरूरत पड़ने पर आपको बुलाएंगे
मंगलवार पूरे दिन और रात को भी घायल अस्पताल पहुंचते रहे। घायलों के बड़ी तादाद में पहुंचने के बारे में सुनकर सीआरपीएफ के जवान ब्लड देने पहुंच गए। सीआरपीएफ के प्रवक्ता एम दिनाकरन ने बताया कि अस्पताल में लोग घायल हैं और लगातार वहां पहुंच रहे हैं। यह पता चलते ही हमारे जवानों ने खून देने का फैसला किया। 50 जवान अस्पताल पहुंचे थे। मगर वहां 34 जवानों का ही खून लिया गया। शेष बचे 16 से कहा कि जरूरत पड़ने पर आपको बुलाएंगे। हमारे जवान रक्तदान के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। खून की कमी के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए, यह सोच रखते हुए काम करते हैं। हमारे जवान जहां भी जरूरत होती है ब्लड देने के लिए आगे रहते हैं।